समाजसेवी संस्था द्वारा एक विचित्र पहल द्वारा काकोरी कांड शहीदों को माल्यार्पण कर किया नमन
काकोरी कांड के क्रांतिकारी महानायक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हृदय से अभिनंदन किया गया ० शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपरांत 1925-2026 पर गोष्ठी का आयोजन हुआ* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा आज दिनांक 9 अगस्त 2026 दिन रविवार को प्रातः 10 बजे शहीद पार्क, औरैया में विगत् 9 अगस्त-1925 को हुए काकोरी कांड के महानायक क्रांतिकारी भारतवीर मुकुंद लाल गुप्ता के स्मारक की साफ-सफाई के उपरांत उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हृदय से अभिनंदन कर भारतवीर मुकुंदी लाल गुप्ता अमर रहें, भारत माता की जय व वंदे मातरम आदि का जयघोष किया गया, उसके उपरांत यादगार काकोरी कांड के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ, गोष्ठी को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व 9 अगस्त-1925 को जिन महान क्रांतिकारियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर ब्रिटिश हुकूमत के खजाने पर कब्जा कर राष्ट्रभक्त की अलग जलाई थी, उसी का परिणाम है कि सन् 1947 में देश आजाद हुआ था। आयोजन के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि काकोरी कांड ने अंग्रेजी हुकूमत को हिलाकर रख दिया था, सरकारी खजाना लूटने के लिए क्रांतिकारियों ने लखनऊ से लगभग 8 किलोमीटर दूरी पर शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन रूट पर एक काकोरी स्टेशन था, 9 अगस्त-1925 को ट्रेन से जा रहे अंग्रेजों का सरकारी खजाने के लूट की घटना में राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, सचींद्र बख्शी अशफाकउल्ला खां मुकुंदी लाल गुप्ता, मन्मथनाथ गुप्ता, मुरारी शर्मा, बनवारी लाल व चंद्रशेखर आजाद शामिल थे, मुकुंदी लाल गुप्ता ने ट्रेन में लूटे हुए बक्सों में लगे ताले अपने हाथों से तोड़ दिए थे, *तब चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें "भारतवीर" की उपाधि से नवाजा था।* ब्रिटिश प्रशासन ने क्रांतिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान शुरू किया था। *गौरतलब है कि ब्रिटिश हुकूमत ने घेराबंदी कर काकोरी कांड में लिप्त वांछित लोगों को पकड़ने के लिए लगभग दस लाख रुपए से अधिक खर्च किए थे, घटना में संलिप्त राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां व ठाकुर रोशन सिंह को फांसी की सजा दी गई थी।* आज देश के सम्मानित क्रांतिकारियों, महापुरुषों के त्याग व बलिदान तथा वीर सेना के पराक्रम से हम सभी भारतवासी पूर्णतया सुरक्षित हैं, उनका योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अभिनंदन व गोष्ठी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संजय अग्रवाल, मनीष पुरवार (हीरु), बैंक से सेवानिवृत तेज बहादुर वर्मा, शेखर गुप्ता, डॉ. आर्य प्रबुद्ध, अजय कपूर, संजय अग्रवाल, विपुल कुमार, ओम प्रकाश रमेश तिवारी, संतोष कुशवाहा, हिमांशु दुबे, ओम प्रकाश कुलदीप बाजपेई (बाबा), रामचंद्र सोनी आदि देश प्रेमी मौजूद रहे।